'गेंदा फूल' गाने के असली लेखक की बादशाह ने की मदद, अकाउंट में भेजे इतने लाख रुपये
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'गेंदा फूल' गाने के असली लेखक की बादशाह ने की मदद, अकाउंट में भेजे इतने लाख रुपये
• SANJAY GUPTA
वर्ष 2020 इतिहास में स्वास्थ्य सेवा की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित हुआ, जिस समय पूरी दुनिया एक ताले में बंद है , उसी समय कोरोना वायरस से लड़ने के लिए नर्स,डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्य कर्मी खड़े नजर आए ।।
• SANJAY GUPTA
<no title>पुलिस सोमवार देर रात करीब दो बजे धरना खत्म करवाने के लिए शाहीन बाग पहुंची थी। वहां धरना जारी ही था। पुलिस ने पहले माइक से घोषणा कर वहां बैठे लोगों से हटने की अपील की। आसपास के लोगों को जब पुलिस के आने की सूचना मिली तो आनन-फानन में और भी प्रदर्शनकारी पहुंचने लगे। देखते ही देखते करीब 2500 लोग पुलिस का विरोध करने के लिए मौके पर पहुंच गए।
• SANJAY GUPTA
नर्सिंग कर्मचारियों के इस साहस में इस समय उनके परिवार का भी अतुलनीय योगदान है और कोरोना वायरस कि इस जंग में परिवार से कुछ समय की दूरी और संक्रमण के खतरे को भाँप कर भी वह इस समय जुटी हुई है .।। ऐसे अनेकों उदाहरण मिलेंगे जिस में बहुत सी नर्सेज अपने घर परिवार और परेशानी को समझकर भी इस काम में जुटी रहे जीटीबी हॉस्पिटल की एक नर्सिंग अधिकारी प्रीती राणा का जज्बा भी अपने आप में एक मिसाल है, जो अपने छोटे बच्चे को घर पर छोड़ कर 6 किलोमीटर पैदल जीटीबी हॉस्पिटल अपनी ड्यूटी पर पहुंची और बिना किसी भेदभाव के परिस्थिति अनुसार अपने कार्य में जुट गई ।।शायद ऐसी मिसाल अन्य किसी प्रोफेशन में देखने को ना मिले ।।
• SANJAY GUPTA
वर्ष 2020 भारत के स्वास्थ्य सेवा की दृष्टि से चुनौती भरा रहा है ।। फरवरी 2020 में दिल्ली में हुई हिंसा के समय दिल्ली के जीटीबी हॉस्पिटल की स्थिति कौन नही जानता।। वहाँ काम कर रहे स्वास्थ्य कर्मचारियों को हर कोई सलाम कर रहा था ।। जात-पात, जाति-धर्म , सबसे परे होकर जिस प्रकार नर्सिंग साथियो ने अपना जज्बा दिखाया वो सम्माननीय और सराहनीय था।। जहां एक हिंसा से दिल्ली शहर ठहर सा गया, वही दूसरी ओर दिल्ली के सरकारी हॉस्पिटल की नर्सिंग साथी घर परिवार सब कुछ छोड़कर मरीजों की सेवा करते नजर आए ।। ये नर्सिंग कर्मचारियों की निस्वार्थ भाव से सेवा करने का ही जज्बा है जो न खून का रिश्ता देखता है,और न संबंधों को देखता है।। वो रिश्ता देखता है तो केवल मानवता का , और सेवा भाव का।। जो बिना किसी समय और घड़ी को देखें इसमें जुटे रहते हैं।। आज जहाँ हर तरफ भय, संशय,डर, और ख़ौफ़ के इस वातावरण में लोग घर तक सीमित हैं वहीं नर्सिंग कर्मी बाहर निकलकर सेवा में जुटे हुए है।। शौर्य, त्याग और समर्पण की मूर्ति नर्सिंग कर्मी पहले दिल्ली में हुई हिंसा में सेवा करती हुई और फिर कोरोना वायरस को चुनौती देती नजर आ रही है ।।
• SANJAY GUPTA
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