नर्सिंग कर्मचारियों के इस साहस में इस समय उनके परिवार का भी अतुलनीय योगदान है और कोरोना वायरस कि इस जंग में परिवार से कुछ समय की दूरी और संक्रमण के खतरे को भाँप कर भी वह इस समय जुटी हुई है .।।
ऐसे अनेकों उदाहरण मिलेंगे जिस में बहुत सी नर्सेज अपने घर परिवार और परेशानी को समझकर भी इस काम में जुटी रहे जीटीबी हॉस्पिटल की एक नर्सिंग अधिकारी प्रीती राणा का जज्बा भी अपने आप में एक मिसाल है, जो अपने छोटे बच्चे को घर पर छोड़ कर 6 किलोमीटर पैदल जीटीबी हॉस्पिटल अपनी ड्यूटी पर पहुंची और बिना किसी भेदभाव के परिस्थिति अनुसार अपने कार्य में जुट गई ।।शायद ऐसी मिसाल अन्य किसी प्रोफेशन में देखने को ना मिले ।।
नर्सिंग कर्मचारियों के इस साहस में इस समय उनके परिवार का भी अतुलनीय योगदान है और कोरोना वायरस कि इस जंग में परिवार से कुछ समय की दूरी और संक्रमण के खतरे को भाँप कर भी वह इस समय जुटी हुई है .।। ऐसे अनेकों उदाहरण मिलेंगे जिस में बहुत सी नर्सेज अपने घर परिवार और परेशानी को समझकर भी इस काम में जुटी रहे जीटीबी हॉस्पिटल की एक नर्सिंग अधिकारी प्रीती राणा का जज्बा भी अपने आप में एक मिसाल है, जो अपने छोटे बच्चे को घर पर छोड़ कर 6 किलोमीटर पैदल जीटीबी हॉस्पिटल अपनी ड्यूटी पर पहुंची और बिना किसी भेदभाव के परिस्थिति अनुसार अपने कार्य में जुट गई ।।शायद ऐसी मिसाल अन्य किसी प्रोफेशन में देखने को ना मिले ।।